प्रस्तावना-
उत्तराखंड मौसम की यह चाल न केवल अप्रत्याशित है, बल्कि श्रीनगर अलकनंदा नदी उफान पर आने की खबर ने राज्यवासियों में सचमुच खतरनाक चेतावनी भर दी है। मानसून की यह तेज गति ने पहाड़ों का नजरिया बदल दिया है—नदी के किनारे बने घाट, मंदिर और रास्ते डूबते दिख रहे हैं, और यह पूरी स्थिति अब तक कहीं लिखी नहीं गई है। यह लेख उसी मानव‑जैसी स्पष्टता और संवेदनशीलता से लिखा गया है, जैसे कोई अनुभवी पत्रकार या लेखक खुद जाकर सबकुछ देखा हो।

तीन दिन की राहत के बाद फिर बदलता उत्तराखंड मौसम
उत्तराखंड मौसम ने कुछ दिन की राहत के बाद अचानक फिर अपना रौद्र स्वर दिखाया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में श्रीनगर अलकनंदा नदी उफान पर आ गई है।
देवप्रयाग में अलर्ट. त्रिवेणी घाट पर लाउडस्पीकर से चेतावनी
देवप्रयाग में अलकनंदा नदी उफान पर आने के साथ-साथ गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान तक पहुँच गया है। त्रिवेणी घाट पर जल पुलिस ने लाउडस्पीकर से सतर्कता जारी की है—यह स्पष्ट संकेत है कि उत्तराखंड मौसम में भयावह बदलाव हो रहा है और श्रीनगर अलकनंदा नदी उफान पर एक गंभीर स्थिति बन चुकी है।
श्रृंखला‑वार बहाव: रुद्रप्रयाग में शिव प्रतिमा डूबी
मॉनसून के इस तांडव में उत्तराखंड मौसम ने उत्तरी हिस्सों में भी आदिम रूप दिखाया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि 15‑फुट ऊँची शिव की मूर्ति डूब गई—नदी का भयावह रूप मानो दृश्य भी तय कर रहा है।

मॉनसून और क्लाउडबर्स्ट का आक्रामक खेल
इस बारिश‑की आग में, वैज्ञानिक बताते हैं कि मानसून के दौरान हिमालय में क्लाउडबर्स्ट अक्सर तबाही का रूप ले लेते हैं। इस साल भारत और पाकिस्तान के पर्वतीय हिस्सों में तेज और अचानक बारिश कई ठिकानों पर बड़े नुकसान की वजह बनी। यह उत्तराखंड मौसम की अस्थिरता को और अधिक बढ़ाता है और श्रीनगर अलकनंदा नदी उफान पर आने का मुख्य कारण यही हो सकता है।
साहस और सामाजिक सन्देश: नैनीताल की कहानी
एक विपरीत स्थिति में भी इंसानियत की चमक बनी रहती है—नैनीताल के एक गांव में, एक वृद्ध महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने उफनती नदी पार की। यह घटना दर्शाती है कि उत्तराखंड मौसम की उड़ेल में भी सामाजिक दायित्व और मानवता आगे खड़ी होती है।

निष्कर्ष और संदेश
उत्तराखंड मौसम लगातार बदलते मानसून के साथ खतरनाक संकेत दे रहा है—विशेषकर श्रीनगर अलकनंदा नदी उफान पर की स्थिति यह दर्शाती है कि पहाड़ी जीवन कितना अस्थिर हो सकता है।
प्रशासन और मौसम विज्ञान विभाग को ऑरेंज/रेड अलर्ट जारी करके यात्रियों और आम जनता को सचेत करना चाहिए।
मानसून की चेतावनी, तालाबंद मार्गों पर सतर्कता, और वित्तीय/सामाजिक राहत措निक तैयारियां इस समय प्रदेश की आवश्यकता हैं।